लातेहार, मई 18 -- लातेहार, प्रतिनिधि। सरस्वती विद्या मन्दिर, में शनिवार को अग्नि होत्र कार्यक्रम किया गया। वहीं प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने बताया कि आगे भी प्रत्येक शनिवार को कक्षा अरुण, उदय, प्रभात ( वाटिका) के भैया/ बहनों तथा आचार्य एवं दीदी के द्वारा संपन्न कराया जायेगा। हवन प्राचीन काल से सनातन संस्कृति का एक अभिन्न अंग रहा है, जिसे विद्या भारती में अग्नि होत्र के नाम से जाना जाता है। उन्होने बताया कि हवन में प्रयुक्त होने वाले हवन सामग्री, घी, कपूर आदि में औषधीय गुण होते हैं। जो हमारे शरीर के साथ - साथ आस - पास के वातावरण से हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर, वहां के वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ करता है। अग्नि होत्र आध्यात्म, विज्ञान और समग्र सृष्टि की कल्याण की कामना तथा प्रकृति में विद्यमान पंच महाभूत की मंगल कामना के लिए करते ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.