कटिहार, दिसम्बर 2 -- सेमापुर, संवाद सूत्र बरारी प्रखंड के किसानों ने सरसों की खेती शुरू की है। खास बात तो यह हैं कि यह किसान पहले खेतों में धान, गेहूं, मक्का,केला जैसे परंपरागत क्रॉप लगाते थे। सेमापुर और बरारी के किसान इन दिनों सरसों की खेती में जुटे हैं। दरअसल किसानों के सरसों की खेती के पीछे आसमान छूती महंगाई हैं। खाद्य तेलों के कीमतें इतनी बढ़ गयी हैं कि इस कीमतों ने लोगों का जीना हराम कर दिया हैं। खुले बाजारों में एक लीटर सरसों का तेल 180 रुपया से 200 रुपया प्रति किलो बेचा जा रहा है। ऐसे में एक लीटर सरसों तेल में पांच-सात आदमी वाले परिवार में बचते-बचाते पांच से छह दिनों में यह खत्म हो जाता हैं। महीने के एक हजार रुपये सिर्फ खाद्य तेलों पर खत्म हो जाते हैं। लिहाजा परेशान किसान अपने खेतों पर बड़े पैमाने पर सरसों की खेती कर रहे हैं। किसान ...