रांची, फरवरी 20 -- नामकुम, संवाददाता। सरला बिरला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित दो दिनी कार्यशाला शुरू हुई। भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र, सरला बिरला विश्वविद्यालय और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला के पहले दिन कुल पांच सत्र संपन्न हुए। मुख्य वक्ता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ अतुल कोठारी ने ओंकार को एकाग्रता का मूल मंत्र बताया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा और सफलता का सीधा संबंध एकाग्रता से है। डॉ कोठारी ने मन के विकास के लिए स्वाध्याय, सत्संग, संगीत, सेवा और संयम की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तभी विश्व गुरु बनेगा जब शिक्षा व्यक्तिगत और साम...