अयोध्या, अगस्त 6 -- मयाबाजार संवाददाता के मुताबिक बीते कुछ दिनों के भीतर मांझा किता अव्वल क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों के आशियाने नदी की कटान से समाहित हो चुके हैं। अब वे लोग सड़क के किनारे जीवन यापन को मजबूर हैं। बस्ती व अयोध्या के बीच राजस्व बटवारें की लम्बी लड़ाई का दंश झेल रहें उक्त ग्रामीणों का नाम तो बस्ती जनपद में दर्ज हैं परंतु नदी के दक्षिणी किनारे पर होने के कारण इनका बस्ती जिले से कोई लेना देना नहीं हैं। ये लोग नदी पार कर बस्ती की तरफ नहीं जा सकते क्योंकि इनका सबकुछ आना -जान और खाना -पानी अयोध्या जनपद से होता हैं ,मात्र खतौनी बस्ती से निकलती है। बेघर हुए लालमती, चंद्रभान, सूरज संगीता निषाद दुखना, राम जोखन गंगा राम, सूर्यबली विजयभान राजेंद्र सुरेश संतराम जितेंद्र सत्यनारयण राम बदन करिया नंदेलाल राम आशीष आदि ने बताया ...
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