विनोद मुसान, जनवरी 12 -- उत्तराखंड में वर्ष 2015 में हरीश रावत सरकार में शुरू की गई एक महत्वकांक्षी योजना इंदिरा अम्मा भोजनालय दम तोड़ती नजर आ रही है। प्रदेशभर में 100 इंदिरा अम्मा भोजनालयों को खोलने के लक्ष्य के साथ शुरू की गई यह योजना 42 के नंबर पर अटक गई थी, लेकिन दुखद पहलू यह है कि इनमें से भी 19 बंद हो चुके हैं। सिस्टम की काहिली जहां लोगों को सस्ते पोष्टिक भोजन से दूर कर रही है, वहीं इन भोजनालयों से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाएं भी एक-एक कर बेरोजगार हो रही हैं। भोजनालय की शुरुआत अगस्त 2015 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना था। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार देना था। सरकार या प्रशासन के स्तर से एक भी प्रयास ऐसा नजर नहीं आता, जिसमें बंद हु...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.