अररिया, दिसम्बर 11 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। जी हां! यहां सरकार का फरमान नहीं बल्कि खनन माफियाओं का बुलडोजर चलता है। बिहार सरकार ने अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए बड़े-बड़े दावे किए हैं। सख्त अभियान, लगातार छापेमारी, जब्ती, दस लाख रुपए तक जुर्माना और सूचना देने वालों के लिए इनाम-सरकार की योजनाओं और घोषणाओं की लंबी सूची है। कागजों पर यह सख्ती किसी फिल्मी पुलिस की तरह निडर नजर आती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहानी बिल्कुल विपरीत है। फारबिसगंज के ग्रामीण इलाके-विशेषकर दीपोल और रामपुर उत्तर में हालात इतने खराब हैं कि यहां दिन-रात चल रहे अवैध खनन पर प्रशासन की पकड़ कमजोर ही नहीं, लगभग नदारद दिखती है। ग्रामीण बताते हैं कि रात हो या दिन, बड़े पैमाने पर जेसीबी और पोकलेन मशीनों से मिट्टी की कटाई और धुलाई जारी रहती है। सूत्रों का दावा है कि दीपोल क्षेत्र ...