समस्तीपुर, नवम्बर 23 -- ला मुख्यालय स्थित शहर में वर्षों तक सामान्य रिक्शा का संचालन होता था। गरीब तबके के लोग मेहनत कर रिक्शा खींचकर चलाते थे और राहगीरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाते थे। लेकिन, नई टेक्नालॉजी आने के बाद वर्ष 2015 से जिले में इलेक्ट्रिक रिक्शा यानि ई-रिक्शा का चलन शुरू हुआ। एक-दो के बाद दर्जन और उसके बाद शहर में सैकड़ों ई रिक्शा चलने लगे। 2019 आते-आते शहरी क्षेत्र में ई-रिक्शा की संख्या 500 तक थी। अब यह संख्या करीब 7800 तक पहुंच गयी है। शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों व प्रखंड मुख्यालयों से भी करीब 750 ई-रिक्शा प्रतिदिन शहरी क्षेत्र में आते-जाते हैं। ये ई-रिक्शा चलानेवाले चालक प्रतिदिन करीब 15 हजार यात्रियों को शहरी व आसपास के क्षेत्रों में उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। लेकिन, इनके लिए सरकारी स्तर पर किसी तरह की सुविधा शहर म...
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