समस्तीपुर, दिसम्बर 21 -- सरकारी विद्यालयों में शुरू हो मिथिला पेंटिंग की पढ़ाई तो मिलेगा रोजगार मस्तीपुर जिले को मिथिला का प्रवेश द्वार कहा जाता है। जब भी मिथिला की चर्चा होती है तो मन में मिथिला पेंटिंग की आकृति सी बनने लगती है। मिथिला पेंटिंग की धमक आज पूरे देश और दुनिया में है। यह कला भारत की महान लोक संस्कृति का अटूट हिस्सा है। एक तरफ जहां मिथिला पेंटिंग सदियों के लोक जीवन की बानगी प्रस्तुत करती है। यह नए दौर में महिला सशक्तीकरण के सशक्त माध्यम के रूप में अपनी उपयोगिता साबित करने में सक्षम साबित हुई है। साथ ही, बदलते समय के साथ इस चित्रकारी ने हजारों परिवारों को आजीविका मुहैया कराने का भी काम किया है।मिथिला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली मिथिला पेंटिंग पर अब मशीनीकरण पूरी तरह से हावी हो चुका है। मिथिला पेंटिंग के महत्व का अंदाजा इस...