गोपालगंज, जनवरी 14 -- कुचायकोट। एक संवाददाता लगातार गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती जल बर्बादी को देखते हुए अब सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र जल संरक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे। एनसीईआरटी की राष्ट्रीय आविष्कारक योजना के तहत इस संबंध में संबंधित विद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। योजना का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक रूप से जल संरक्षण से जोड़ना और समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाना है। इस पहल के तहत सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपयोग में होने वाली जल बर्बादी को रोकने के लिए जागरूकता फैलाएंगे। बच्चों को यह समझाया जाएगा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। इसका संरक्षण और सतत उपयोग अत्यंत आवश्यक है। विद्यालयों में विशेष गतिविधियों के माध्य...