लखनऊ, जनवरी 15 -- लखनऊे प्रमुख संवाददाता। सरकारी खरीद वाले धान से तैयार चावल का भंडारण अब प्रदेश में बड़ी समस्या बनती जा रही है। क्योंकि चावल के भंडारण के लिए प्रदेश के कई जिलों में गोदाम नहीं मिल रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण चावल के भंडारण के लिए तय समय पर गोदामों को आरक्षित नहीं कराए जाने को माना जा रहा है। अब तक अक्तूबर-नवम्बर में ही भण्डारागार निगमों के गोदामों को आरक्षित करा लिया जाता था परन्तु इस बार दिसम्बर तक इस दिशा में कोई प्रयास ही नहीं किया गया। नतीजा, केन्द्रीय व राज्य सरकार के भण्डारागार निगम के गोदामों को आईटीसी जैसी निजी क्षेत्र की कम्पनियों अथवा एजेन्सियों द्वारा आरक्षित कर उसे भर दिया गया। अब खाद्य एवं रसद विभाग के सामने चावल के सुरक्षित भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। एफआरके (फोर्टीफाइड) की कमी से उत्पन्न समस्या से भण्ड...