नई दिल्ली, जनवरी 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी सरकारी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई पूरी करने से स्वत: सरकारी नौकरी पाने का अधिकार नहीं बन जाता। खासकर तब जब सरकार ने अपनी नीति और भर्ती के नियम में बदलाव कर दिया हो। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश रद्द करते हुए यह फैसला दिया। हाईकोर्ट ने सरकारी प्रशिक्षण संस्थान से नर्सिंग की पढ़ाई करने वालों को नौकरी देने का आदेश दिया गया था। जस्टिस राजेश बिंदल और मनमोहन की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की अपील स्वीकार करते हुए यह बात कही। शीर्ष अदालत ने प्रतिवादी यानी नौकरी की मांग कर रहे प्रतिभागियों की दलीलों को सिरे से ठुकरा दिया। प्रतिभागियों ने अपनी दलील में कहा था कि पिछले नियम के तहत आयुर्वेदिक नर्सिंग ट्रेनिंग कोर्स में दाखिला पाने वाले पुर...