लखनऊ, अगस्त 28 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने डिस्कॉम एसोसिएशन में सरकारी बिजली कंपनियों में तैनात अधिकारियों और निजी कंपनियों के अधिकारियों के एक साथ होने को हितों का टकराव बताया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इससे तो सरकारी कंपनियों के गोपनीय दस्तावेजों के लीक होने का खतरा बना रहेगा। उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल करके निजी औद्योगिक समूह सरकारी कंपनियों को अपने अधिकार क्षेत्र में लेने का षड्यंत्र रचेंगी। उत्तर प्रदेश इसका जीवंत उदाहरण है। अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं की रकम से यूपी की बिजली कंपनियों ने डिस्कॉम ऐसोसिएशन को 1.30 करोड़ रुपये का चंदा दे दिया। यही डिस्कॉम एसोसिएशन अपने यहां दो-तीन लाख रुपये मासिक पर नौकरी पर लोगों को रखा है। यूपी के जो अधिकारी इससे जुड़े हैं, वे व...