लखनऊ, अक्टूबर 5 -- सरकारी अस्पतालों में मेडिकल कॉरपोरेशन के जरिए भेजी गईं एंटीबॉयोटिक दवा में नमी की शिकायत है। दवा का रैपर खोलते ही वह टूटकर गिरती जा रही हैं। ऐसे में मरीज दवा की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। अस्पताल के अफसरों का कहना है कि दवा की जांच कराई जाएगी। दवा में नमी मिली तो उसे वापस कराकर नई खेप की दवा मंगवाई जाएगी। मेडिकल कॉरपोरेशन की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों में एंटीबॉयोटिक सिप्रोफ्लॉक्सिन 500 मिग्रा की आपूर्ति की गई है। उसका बैच नंबर सीपीटी 24076 है। दवा की एक्सपायरी डेट अगस्त 2027 है। कारपोरेशन की ओर से सिविल अस्पताल में काफी मात्रा में इस दवा की आपूर्ति की गई है। डॉक्टर मरीजों को दवा लिख रहे हैं, लेकिन मरीज दवा अस्पताल से न लेकर बाजार से खरीदने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि दवाओं को नियमित तापमान में न रखने से नमी आ ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.