गोरखपुर, जनवरी 24 -- गोरखपुर। स्वास्थ्य विभाग की लचर कार्यप्रणाली से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं खराब हाल में हैं। करोड़ों के उपकरण खराब हो रहे हैं। वेंटीलेटर, मॉड्यूलर ओटी, हेल्थ एटीएम और एक्स-रे जैसी मशीनें बिना मेंटिनेंस के जंग खा रही हैं। पीडियाट्रिक आईसीयू कागजी बन गया हैं। गंभीर बच्चों को दूर रेफर करना पड़ता है। इससे न केवल मरीजों की जान पर बन आती है, बल्कि सरकारी खजाने का अपव्यय भी हो रहा है। स्टॉफ की कमी, मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट न होना और जवाबदेही का अभाव समस्या का मुख्य कारण हैं। कोरोना में जो उपकरण जीवन रक्षक साबित हुए थे, अब बोझ बन गए हैं। विभाग को तत्काल ऑडिट करवाकर मरम्मत, स्टाफ तैनाती और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना चाहिए। जिले के सरकारी अस्पतालों में करोड़ों रुपये कीमत के आधुनिक उपकरण धूल फांक रहे...