बागपत, जनवरी 4 -- नगर के अजीत नाथ सभागार में धर्म सभा आयोजित की गई। जिसमें मुनि विमर्श सागर महाराज द्वारा प्रवचन किए गए। उन्होंने कहा कि इंसान सम्मान का भूखा है। वह छोटों से सम्मान तो चाहता ही है, अपने से बड़ों से भी सम्मान की आकांक्षा करता है। सम्मान की भावना ही अपमान को जन्म देती है। मनुष्य अपने अहंकार को तोड़कर संतों के चरणों में मात्र आचरण पाने की आकांक्षा रखता हैं, तो सम्भल जाता है, अन्यथा सम्मान की आकांक्षा उसे अपमानित कर गर्त में धकेल देती है। सभा का संचालन डॉक्टर श्रेयांस जैन ने किया। सभा में मुकेश जैन, महेंद्र जैन, प्रदीप जैन, मदन लाल जैन, सुरेश जैन, राकेश जैन, विनोद जैन, अनिल जैन, संजय जैन,विवेक जैन आदि रहे।

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