नई दिल्ली, अगस्त 15 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत को जल्द ऐसे मुकाम पर पहुंचना होगा, जहां हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो सकें। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आयातित तेल पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा पेश की। इसके तहत उन्होंने 'समुद्र मंथन और परमाणु ऊर्जा क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर दूसरे देशों पर निर्भर है और लगभग 88 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने 'समुद्र मंथन के तहत नेशनल डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने की बात कही, जिससे घरेलू क...
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