नई दिल्ली, जनवरी 4 -- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को भारतीय शिपयार्डों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री क्षेत्र में पारंपरिक चुनौतियों के साथ गैर-पारंपरिक खतरे भी लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह बातें प्रदूषण नियंत्रण पोत (पीसीवी) 'समुद्र प्रताप' के भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) में शामिल होने की पूर्व संध्या पर गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) के दौरे पर कहीं। राजनाथ ने कहा कि जीएसएल और अन्य भारतीय शिपयार्डों द्वारा भारतीय नौसेना और आईसीजी के लिए निर्मित पोत भारत की संप्रभुता के तैरते प्रतीक हैं। ये खुले समुद्र में हमारी उपस्थिति, क्षमता और दृढ़ संकल्प का प्रतिनिधित्व करते हैं। राजनाथ ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को एक रणनीतिक आवश्यकता बताया और जीएसएल जैसी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे इस आवश्यकता को वास...