अयोध्या, अक्टूबर 25 -- अयोध्या,संवाददाता। एक तरफ जहां खरीफ कि सीजन में धान की फसल में यूरिया डालने के लिए किसानों को साधन सहकारी समितियों पर लंबी लंबी लाइनें लगाने के बाद भी यूरिया खाद कई दिनों के बाद मिल पा रही थी वहीं रबी सीजन के बुवाई के शुरुआती दौर में ही किसानों को डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। इस समय किसान खेतों में आलू,सरसो व चने की बुवाई में लगे हुए हैं लेकिन सबसे जरूरी डीएपी उर्वरक बाजारों से नदारद है। किसान डीएपी के लिए साधन सहकारियों समितियों का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन वहां से भी उनको डीएपी नहीं मिल पा रही है। कुछ समितियों पर डीएपी नहीं होने से सचिवों द्वारा किसानों को एनपीके खाद खरीदने के लिए कहा जा रहा है। किसानों का कहना है कि जिन समितियों पर डीएपी है भी वह सिर्फ वहां सदस्यता ग्रहण कर चुके किसानों को ही दिया जा रहा है। किसा...