संभल, फरवरी 19 -- महापुरुष स्मारक समिति के तत्वावधान में बुधवार को स्वामी रामकृष्ण परमहंस एवं हिन्दू सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती एक स्कूल में समारोह पूर्वक मनाई गई। जिसमें उनके द्वारा देश में किए गए कार्यों को याद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों महापुरूषों के चित्रों के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कवि माधव मिश्र ने कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस मानवीय मूल्यों के पोषक अदभुत संत, आध्यात्मिक गुरु, विचारक, चिंतक, स्वामी विवेकानंद जी के सदगुरु थे। स्वामी जी का मानना था कि "मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हिन्दू हृदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज ने शक्तिशाली मुगल शासक औरंगजेब की सेना से कई युद्ध लड़े और विजय हासिल की। उन्होंने हिन्दू एवं मराठा साम्राज्य की स्थापना की इसलिए उनके जन्म दिन...