गया, नवम्बर 29 -- गया जिले के वजीरगंज प्रखंड के ओरैल गांव में शनिवार की सुबह हर किसी की आंखें नम थीं। शिक्षक रजनी कांत रवि के पिता 74 वर्षीय सुरेश प्रसाद के निधन हो गया। उनके घर से अंतिम यात्रा निकली तो अर्थी को को बेटी, बहू, पोती और नातिन ने खड़ी थीं। समाज में वर्षों से चली आ रही रूढ़ियों को अपने साहस भरे कदमों से तोड़ते हुए महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया। बहू निशा कुमारी, बेटी रेखा कुमारी, पोतियां पम्मी-पल्लवी, नातिन अंजलि और गांव की कई महिलाओं ने जब कंधा लगाया तो वहां मौजूद लोगों की आंखें श्रद्धा और सम्मान से छलक उठीं। श्मशान घाट तक अंतिम यात्रा में महिलाएं शामिल रहीं। महिलाओं की इस भागीदारी ने न सिर्फ पुरानी परंपराओं को चुनौती दी बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश दिया कि पुरुष व महिला बराबर हैं और जीवन के हर चरण में महिलाओं की समान भूमिका ...