रांची, नवम्बर 18 -- रांची, वरीय संवाददाता। जेवियर इंस्टीट्यूटी ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) में मंगलवार को तृतीय डॉ कुमार सुरेश सिंह स्मारक व्याख्यान हुआ। बिरसा मुंडा उलगुलान की अगली कड़ी 1900 से वर्तमान तक विषय पर यह आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ जोसेफ बाड़ा ने कहा कि यदि हम बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व, विचारों के तहत उनके प्रयासों को संक्षेप में देखें तो बेहद गरीब परिवार से होने के चलते उन्हें घुमक्कड़ जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा। समाज में अस्थिरता को देखकर वह संवेदनशील युवक बने। डॉ बाड़ा ने कहा कि धार्मिक दृष्टि से वे मुंडा विश्वास के अलवा ईसाई और हिंदू धर्म से भी प्रभावित थे। उनके पिता ईसाई धर्म अपना चुके थे। इसी वजह से उन्होंने चाईबासा गोस्सनर मिशन स्कूल में माध्यमिक विद्यालय स्तर की शिक्षा प्रदान की। बाद ...
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