बगहा, नवम्बर 14 -- बेतिया, बेतिया कार्यालय वर्तमान समय में समाज की संरचना अत्यंत संश्लिष्ट (जटिल) होती जा रही है, जिसके कारण बच्चों के मानसिक विकास, सामाजिक व्यवहार और नैतिक मूल्यों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है।उक्त बाते एमजेके कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर के चौधरी ने शुक्रवार को बाल दिवस के अवसर पर कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बाल दिवस हमें बालकों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन देने की प्रेरणा देता है। आज कई माता-पिता और अभिभावक अपने बच्चों के पालन-पोषण के प्रति केवल भौतिक सुविधा उपलब्ध कराकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ लेते हैं, जबकि बच्चों को सबसे अधिक आवश्यकता प्रेम, संवाद, संस्कार, अनुशासन और सतत मार्गदर्शन की होती है। इस कमी के कारण बच्चे कई बार दिग्भ्रमित हो जाते हैं, जो वास्तव में चिंताजनक स्थिति है...
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