नई दिल्ली, जुलाई 4 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने धनशोधन मामले में हांगकांग स्थित भारतीय व्यवसायी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि समय से पहले जमानत देने से जांच में बाधा उत्पन्न होती है। इतना ही नहीं धनशोधन विरोधी कानून का उद्देश्य कमजोर होता है। न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने धनशोधन अधिनियम मामले में आरोपी अमृत पाल सिंह को राहत देने से इनकार कर दिया। अमृत पाल सिंह ब्रोवे ग्रुप लिमिटेड के निदेशक हैं, जो भारतीय फर्जी संस्थाओं से 28,80,210 अमेरिकी डॉलर (लगभग 20.75 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी का भी आरोपी है। ईडी ने आरोप लगाया कि ये लेन-देन आयात वस्तुओं की आड़ में किए गए थे, बिना किसी वास्तविक संबंधित व्यावसायिक गतिविधि के यह फर्जीवाड़ा हुआ। आदेश में कहा गया कि कथित धनशोधन ऑपरेशन में मदद करने या उससे लाभ उठाने में आरोपी आवेद...