बुलंदशहर, जनवरी 2 -- इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने जलापूर्ति को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। नगर पालिका क्षेत्र में हाल ही में सीवर लाइन बिछाई गई है। सीवर लाइन अभी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाई है। नगर में अभी 20 हजार से अधिक सीवर कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। यदि समय-समय पर जाच न हुई तो इंदौर जैसा हादसा हो सकता है। गौरतलब है कि इंदौर में सीवर लाइन से वाटर लाइन में दूषित पानी मिलने के बाद अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। यह हादसा बताता है कि यदि समय रहते जांच और मरम्मत नहीं हुई तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, पुराने शहरों में पाइपलाइनों की नियमित जांच, प्रेशर टेस्टिंग और लीकेज की त्वरित मरम्मत बेहद जरूरी है। बताते चलें कि नगर में अमृत योजना के अंतर्गत लगभग 500 करोड़ की लागत से सीवर लाइन डाली गई है। प्रशासन ...