नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- नई दिल्ली विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि 'मानहानि जैसे मामले को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का समय आ गया है। शीर्ष अदालत ने आपराधिक मानहानि के मामले में एक न्यूज पोर्टल चलाने वाले संस्था की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने न्यूज पोर्टल चलाने वाले संगठन 'फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म और उसके उप-संपादक अजय आशीर्वाद महाप्रस्थ की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाओं में जेएनयू की पूर्व प्रो. अमिता सिंह द्वारा दाखिल आपराधिक मानहानि के एक मामले में अदालत द्वारा जारी समन को रद्द करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान जस्टिस सुंदरेश ने याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि 'मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि इस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.