मुजफ्फरपुर, मई 10 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मंदिर नवनिर्माण समन्वय समिति के अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेल प्रशासन द्वारा तोड़े गए दो मंदिरों के संदर्भ में शुक्रवार को परिसदन में हुई बैठक को जालसाजी करार दिया। कहा कि बैठक की उन्हें अथवा समन्वय समिति के किसी भी पदाधिकारी को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई थी। मंदिर के मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए एक नकली संगठन खड़ा किया गया। आचार्य पाराशर ने कहा कि तोड़ा गया मंदिर रेलवे की जमीन में नहीं था, बल्कि बिहार सरकार की जमीन में था। इसका फैसला अब न्यायालय में होगा न कि किसी समझौतावादी बैठक में।
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