नई दिल्ली, फरवरी 14 -- एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों को उनके वकील चक एन. चियोनुमा ने एयरलाइन के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करने की सलाह दी है। वकील का कहना है कि परिवारों को अभी एआईपी डेटा और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए ताकि हादसे की असली जिम्मेदारी तय हो सके और सही मुआवजे का आकलन किया जा सके। एयर इंडिया का प्रस्तावित समझौता न केवल एयरलाइन वरन विमान निर्माता और सरकारी संस्थाओं को भी भविष्य की सभी कानूनी देनदारियों से मुक्त करता है। इसे वकील ने अनुचित बताते हुए परिवारों को आगाह किया कि बिना पूरी जानकारी और जांच के अपने कानूनी अधिकारों को छोड़ना नुकसानदेह हो सकता है।

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