नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- हिंदू पंचांग और ज्योतिषशास्त्र में खरमास का विशेष महत्व बताया गया है। जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब इस अवधि को खरमास कहा जाता है। परंपरा के अनुसार खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि यह समय अशुभ होता है। बल्कि ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह काल आत्मिक शुद्धि, साधना, दान-पुण्य और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। 16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे। धनु राशि में सूर्य का प्रवेश होते ही खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास का समापन 14 जनवरी को होगा जब सूर्य धनु से मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। खरमास के दौरान सूर्य की स्थिति सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालती है। आइए जानते हैं, सूर्य का धनु राशि में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.