बागपत, जनवरी 21 -- बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार में धर्मसभा आयोजित की गई। जिसे सुनने के लिए जैन समाज के लोगों द्वारा भाग लिया गया। सभा को संबोधित करते हुए आचार्य विमर्श सागर ने कहा कि संसार के समस्त प्राणियों के भीतर परमात्मा बनने की शक्ति विद्यमान है। इस बात को जैन दर्शन दृढ़ता से स्वीकार करता है। इसी तरह यह धर्म मानव को साक्षात हिंसा से भी बचाता है। साथ ही साथ चार गति से, चार कषायों से बचने के लिये मन को निर्मल करके ,चार हाथ आगे की भूमि देखकर चलने की प्रेरणा देता है। नीचे देखकर चलने से वाह्य वस्तु कम दृष्टि गोचर होती हैं। इससे मन की आकांक्षा समाप्त होती है और मनुष्य स्वयं की सोचता है अन्य किसी से कोई आकांक्षा नहीं करता। इस दौरान मुकेश जैन,प्रदीप जैन, जितेंद्र जैन, विनोद जैन, वरदान जैन, मदन लाल जैन, अनिल जैन, संजय जैन, राजेश जैन आदि मौजूद ...