सहरसा, मई 27 -- सहरसा, नगर संवाददाता। बैजनाथपुर थाना प्रकरण में अभियुक्त बनाए गए तीनों नामजद ने अपने बचाव में सिर्फ झूठ हीं मिला। लेकिन जांच के दौरान इतने सबूत थे की एक भी झूठ सबूत और सच्चाई के सामने ठीक हीं नहीं सका। निलंबित पुलिसकर्मियों ने सहरसा पुलिस की जिला आसूचना इकाई को भी लपेटे में लेने की कोशिश किया। पुत्र के थाना मे बंद होने के बाद जब पिता सहित अन्य थाना पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि डेढ लाख रूपया लगेगा। डीआईयू टीम को भी देना होगा। बहुत आरजू विनती किए तो 80 हजार रूपया पर सौदा तय हुआ। वहीं थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच में अविनाश पास कुछ नहीं मिलने पर रूपेश कुमार को बोला गया की बरामदगी नहीं हो पाने के कारण युवक के विरूद्ध कोई ठोस साक्ष्य हमलोग के पास नहीं है।इसलिए उसे परिजन के साथ मुक्त कर दिया जाय। फिर युवक को उनके परिजनों को सुपू...
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