विकासनगर, नवम्बर 6 -- सेलाकुई बावन बीघा में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा व्यास राजन महाराज ने सबरी उद्धार, हनुमान मिलन और बाली वध जैसे दिव्य प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भक्तों ने भावविभोर होकर जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयघोष लगाए। जिससे पूरा पंडाल भक्ति रस से सरोबर हो उठा। राजन महाराज ने बताया कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, भक्ति और मर्यादा का प्रतीक है। उन्होंने समझाया कि श्रीराम जब सबरी के आश्रम पहुंचे, तो उन्होंने न केवल भक्त के प्रेम का सम्मान किया, बल्कि यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति में जाति-पाति या भेदभाव का कोई स्थान नहीं। कथा के दौरान हनुमान मिलन प्रसंग का मंचन इतना प्रभावशाली रहा कि श्रोता भक्ति और आनंद में झूम उठे। महाराज ने भजन गाकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। कथा पंडाल में श्रद्धालु...
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