कानपुर, नवम्बर 22 -- सफेद कोट पहनने वाले को समाज भरोसेमंद और पेशेवर शख्स के रूप में देखता है। यह व्यक्ति की जिम्मेदारी को दर्शाता है कि वह अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग ईमानदारी और निष्ठा से करेगा। यह रोगी की देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता और स्वच्छता बनाए रखने का प्रतीक है। सफेद कोट पहनते ही सामाजिक दायित्व बढ़ जाते हैं। यह सीख जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज सभागार में शनिवार को आयोजित व्हाइट कोट सेरेमनी में प्राचार्य डॉ संजय काला ने दी। एमबीबीएस 2025 बैच के 250 छात्रों को सफेद कोट पहनाया गया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि भगवान का दर्जा भी दिलाता है। एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायो केमिस्ट्री विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस छात्रों को शपथ भी दिलाई गई। यहां डॉ प्रमोद कुमार, डॉ रेणु गुप्ता, डॉ यशवंत राव, डॉ डॉली रस्तोगी, डॉ ...