छपरा, जनवरी 11 -- दरियापुर।वरिष्ठ रंगकर्मी सफ़दर हाशमी केवल एक कलाकार नहीं, बल्कि जनपक्षधर विचारधारा के प्रतीक थे। उन्होंने रंगमंच को सत्ता के दरबार से निकालकर आम जनता की गलियों तक पहुंचाया।उक्त बातें इप्टा द्वारा आयोजित वरिष्ठ रंगकर्मी के शहादत दिवस पर सुतिहार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में परसा विधायक डॉ करिश्मा राय ने कही। इप्टा के महासचिव फिरोज अशरफ खां ने कहा कि सफ़दर हाशमी की शहादत हमें यह याद दिलाती है कि कला कभी तटस्थ नहीं होती।वह या तो शोषण के साथ खड़ी होगी या उसके खिलाफ।शिक्षक नेता डॉ महात्मा प्रसाद गुप्ता ने कहा कि हल्ला बोल नाटक के अभिनय के दौरान प्रतिक्रियावादी शक्तियों ने सफदर हाशमी की हत्या कर दी।वे जनता की आवाज थे।इप्टा की परंपरा उसी जनसंघर्ष की परंपरा है, जिसे सफ़दर हाशमी ने अपने खून से सींचा।श्रद्धांजलि सभा को बिहार इप्ट...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.