प्रयागराज, फरवरी 12 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम के तहत माल की जब्ती और जुर्माने से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि माल भेजने वाले सप्लायर का जीएसटी रजिस्ट्रेशन सस्पेंड है तो उसके द्वारा जारी किया गया टैक्स इन्वॉइस वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामले में माल का दावा करने वाला व्यक्ति खुद को माल का मालिक बताकर कम जुर्माने का लाभ नहीं ले सकता। यह निर्णय न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने झारखंड की मेसर्स श्री बाबा ट्रेडर्स व एक अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया है। मेसर्स श्री बाबा ट्रेडर्स ने याचिका में सचल दल इकाई द्वारा जीएसटी अधिनियम की धारा 129(1) (b)के तहत माल जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने के आदेश को चुनौती दी थी। याची का कहना था कि वह माल का मालिक है और सप्...
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