भागलपुर, फरवरी 14 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह यज्ञ का वास्तविक अर्थ सात दिनों में जीवन की सात प्रमुख बाधाओं काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर और अहंकार पर विजय प्राप्त करना है। भागवत कथा मनुष्य को इन दुर्गुणों से मुक्त कर आत्मिक शांति और परमात्मा की भक्ति की ओर अग्रसर करती है। कहलगांव के हरचंदपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिवस की कथा श्रवण करते हुए ये बातें कथा वाचक मधुसूदनाचार्य महाराज ने कही। कथा के दौरान भगवान की बाल लीलाओं का भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत किया गया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
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