नई दिल्ली, अक्टूबर 21 -- बॉलीवुड के 90 के दशक में लीड हीरो के साथ साइड किरदार निभाने वाले करैक्टर आर्टिस्ट भी खूब मशहूर हुए। कुछ ऐसे एक्टर भी हुए जिनका नाम ऑडियंस को नहीं पता शायद लेकिन फिल्मों में उनके किरदारों को पसंद किया गया। एक ऐसा ही नाम है एक्टर इशरत अली का। आपको सनी देओल की फिल्म गदर का वो सीन तो याद ही होगा जब दारा सिंह से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाए जा रहे थे। इसी सीन में जो काजी के किरदार में थे वहीं हैं इशरत अली। स्पॉट बॉय से लेकर बड़े थिएटर तक मुंबई में जन्मे इशरत इंडस्ट्री में किसी को नहीं जानते थे, इसलिए शुरुआत एक स्पॉट बॉय के रूप में की। कैमरा यूनिट में असिस्टेंट्स का सामान उठाते-रखते इन्होंने फिल्म सेट की दुनिया को करीब से देखा और सीखा। फिर मौका मिला 1988 की फिल्म काल चक्र में काम करने का। इस फिल्म में उन्हें यशवंत क...
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