एटा, जनवरी 29 -- एटा महोत्सव के पंडाल में गुरुवार दोपहर को जनपदीय साहित्यकार सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें जनपद के दिग्गज साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने सनातन संस्कृति में भारतीय साहित्य विषय पर गहन मंथन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और एटा की धरती हमेशा से ही कलम के धनी विद्वानों की कर्मस्थली रही है। मुख्य वक्ता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि सनातन संस्कृति और साहित्य एक-दूसरे के पूरक हैं। विशिष्ट वक्ता आचार्य देवेंद्र देव ने भारतीय वांग्मय में सनातन के महत्व पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में डॉ. राकेश सक्सेना, बलराम सरस, डॉ. प्रदीप रघुनंदन, संजय शर्मा और आचार्य प्रेमीराम मिश्रा ने विचार व्यक्त किए। डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान द्वारा रचित पुस्तक...
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