समस्तीपुर, दिसम्बर 10 -- समस्तीपुर। सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सदर अस्पताल की व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। कई बार निर्देश और निरीक्षण के बावजूद यहां हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। दवा, स्ट्रैचर, एंबुलेंस सुविधा की कमी और अब डॉक्टरों की मनमानी ने मरीजों की परेशानी और बढ़ा दी है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा ओपीडी का समय सुबह 9 बजे तय किया गया है, लेकिन मरीजों का कहना है कि डॉक्टर अक्सर निर्धारित समय का पालन नहीं करते। मंगलवार को भी ओपीडी का गेट तो खुला था, लेकिन डॉक्टर कमरे खाली पड़े थे। करीब 10 बजे तक एक भी डॉक्टर अपने कक्ष में उपलब्ध नहीं थे। दूर-दराज से आए मरीज लाइन में लगे इंतजार करते रहे, लेकिन अस्पताल की ओर से कोई संतोषजनक...