गुमला, फरवरी 20 -- गुमला, प्रतिनिधि। सदर अस्पताल में गुरुवार को शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी पूरी तरह ठप रही, जिसका सीधा असर बच्चों के इलाज पर पड़ा। दूर-दराज के गांवों से अपने बीमार बच्चों को लेकर आए परिजन दिनभर अस्पताल के चक्कर लगाते रहे, लेकिन ओपीडी बंद मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। सदर अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले कुल मरीजों में करीब 40 प्रतिशत बच्चे होते हैं, ऐसे में शिशु ओपीडी का बंद रहना गंभीर चिंता का विषय बन गया। शिशु ओपीडी बंद होने के कारण मजबूरी में कई परिजन निजी क्लिनिकों की ओर रुख करते दिखे। हालांकि निजी क्लिनिकों में भी भीड़ अधिक रहने से कई लोग बिना इलाज कराए वापस लौट गए। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों की बीमारियां सामान्य मरीजों से अलग होती हैं, जिनके लिए शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत अनिवार्य होती है। ऐसे में विशेष...