किशनगंज, दिसम्बर 5 -- किशनगंज, हिन्दुस्तान टीम तमाम दावे के बीच किशनगंज में सदर अस्पताल को छोड़ कर किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में हड्डियों के फ्रैक्चर की प्लास्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लिहाजा, मरीजों को प्राइवेट क्लिनिक का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसमें लोगों को जेब ढ़ीली करनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति को लेकर सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी बताते हैं कि जिले में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के कारण फ्रैक्चर का प्लास्टर नहीं हो पा रहा है। हालांकि सदर अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में सवाल उठता है कि करोड़ों रुपये खर्च करके सरकारी अस्पतालों की बिल्डिंग बनाने से ज्यादा डॉक्टरों की स्थापना कर प्लास्टर जैसी सुविधा उपलब्ध करवाने पर स्वास्थ्य विभाग ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। आखिर विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना कर प्लास्टर ...