रामपुर, फरवरी 21 -- भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय रामपुर आकर 23 गांवों में बसे 2156 शरणार्थियों से जुड़ा मुद्दा बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद प्रमुखता से उठाया गया। स्वार विधायक शफीक अंसारी ने इन शरणार्थियों को उनकी जमीन पर मालिकाना हक दिलाने का न सिर्फ मुद्दा उठाया बल्कि, सरकार से अनुरोध किया कि जनहित को देखते हुए शासन इस संबंध में जल्द आदेश जारी करे। मालूम हो कि स्वार में आरक्षित वन श्रेणी के 23 गांव हैं। वर्तमान में वन क्षेत्र में आठ गांव हैं। शेष 15 गांव पीपली वन से दोराहा के आर्सल-पार्सल तक में बसे हैं। इन्हीं जंगली इलाके के बसावट वाले गांव क्षेत्र की बंजर एवं जंगल की जमीन पर वह खेती करते हैं। कई के आलीशान मकान भी बने हैं, लेकिन उन्हें मालिकाना हक नहीं मिल सका है। मालिकाना हक न होने से यह आती है दिक्कत -इनको आपदा आने पर फसल ...
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