रामपुर, जनवरी 22 -- हरिद्वार से आए स्वामी व्यासानंद ने गहनी गांव में दो दिवसीय संतमत ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिन सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस स्थान पर संतों का सत्संग होता है और जहां संतों के चरण पड़ते हैं, वह भूमि स्वतः ही तीर्थ बन जाती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सत्संग सुनता है, उसका भवसागर पार हो जाता है और उसका कल्याण निश्चित होता है। स्वामी व्यासानंद ने कहा कि संतों के तीर्थों का भ्रमण स्वयं भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान महादेव ने भी किया है। जिससे संतसंग की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है। इससे पूर्व सत्संग स्थल पर कथावाचक आंवला के पूर्व विधायक आरके शर्मा ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। सत्संग में मधुकर, ढकिया, ऊंचागांव, खंदेली, भगवतीपुर आदि गा...