संभल, सितम्बर 6 -- हंस ज्योति-ए यूनिट ऑफ हंस कल्चरल सेंटर दिल्ली द्वारा रिठाली और ठिलूपुरा के श्री हनुमान मंदिर जनकल्याण सत्संग समारोह का आयोजन गुरुवार रात को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना से हुआ। श्री हंसलोक आश्रम, छतरपुर दिल्ली से पधारे भोले महाराज के शिष्य महात्मा कृपानंद ने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए सतयुग, त्रेता और द्वापर युग में भक्तों को कई-कई साल तक कठोर तपस्याएं करनी पड़ती थीं और उन्हें बड़ी-बड़ी कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता था लेकिन भगवान ने कलियुग के भक्तों पर दया करके इसे बहुत आसान कर दिया है। उन्होंने कहा कि कलियुग में केवल भगवान का नाम ही आधार है। जिसका सुमिरन करके मनुष्य मायारूपी भवसागर से पार उतर सकता है। उन्होंने दुनिया चले ना श्रीराम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना, सजधज के जिस दिन मौत की शहजादी...
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