कन्नौज, दिसम्बर 8 -- मिरगावां, कन्नौज। मिरगावां स्थित दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। कथा व्यास प्रेमसागर पांडेय ने सरल और सहज शब्दों में सत्संग का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में आने वाली अशांति का समाधान मन की दिशा बदलने से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सत्संग मन को अनुशासित करता है और मनुष्य के भीतर छिपी सद्भावना को उजागर करता है। व्यासजी ने बताया कि संत-वचनों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा पड़ता है। जब मनुष्य सच्चे संग की ओर बढ़ता है तो उसके विचार और व्यवहार दोनों में सुधार आता है। उन्होंने कहा कि भक्ति का अर्थ केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि मन को निर्मल बनाना और जीवन को प्रकाश की ओर ले जाना है। कथा में परीक्षित धनीराम व शांति देवी, अनुराग...