कन्नौज, नवम्बर 23 -- छिबरामऊ, संवाददाता। संत निरंकारी मिशन के सत्संग भवन (पूर्वी बाईपास) में रविवार को आयोजित सत्संग में परम पूज्य महात्मा बहन शशी प्रभाकर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सत्संग से ही सच्चे सद्गुरु की प्राप्ति होती है और निरंतर सिमरन करने से मनुष्य के जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इससे जीवन पूर्ण आनंदमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भवसागर से पार जाने का एकमात्र आधार सिमरन है। बिना ज्ञान के भी संतों का मिलन संभव है, लेकिन सत्संग से मनुष्य का मन शुद्ध होकर एकाग्रता प्राप्त करता है। मन स्थिर हो जाए तो पूरा जीवन संवर जाता है। भक्ति मन का विषय है, बुद्धि का नहीं। बिना भक्ति के चेतना का विकास असंभव है और मनुष्य केवल सुख-दुख के चक्र में फंसा रहता है। महात्मा शशि प्रभाकर ने आगे कहा कि मानव जीवन में एक ऐसा ...