श्रीनगर, अक्टूबर 10 -- प्रसिद्ध सिद्धपीठ कटकेश्वर महादेव (घसिया महादेव) मंदिर में शिव महापुराण कथा के चौथे दिन माता सती के देह त्याग के प्रसंग को सुन श्रोता भावविभोर हुए। कथा व्यास मधुसूदन घिल्डियाल ने कहा कि सती का त्याग शिव की मर्यादा का प्रतीक है। कहा कि माता सती के देह त्यागते समय माता सती ने भगवान शिव के चरणों में मन ही मन स्तुति की कि में पुनः आपकी पत्नी बनूं, और माता सती ने पुनः हिमवान और मैना के यहां जन्म लिया, माता सती ने पार्वती नाम से अवतरण लिया और श्री ब्रह्मा,श्री नारद हिमवान के यहां पहुंचे तथा उनको समझाया, माता पार्वती को भगवान शिव की तपस्या कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। मौके पर रमेश गिरि, सरोजिनी गिरि, महंत महेश गिरि, विनीत गिरि, दीप चंद्र गिरि, संजय गिरि, रवि बहुगुणा, मां राजराजेश्वरी देव...
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