बिजनौर, जुलाई 11 -- गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालों ने कहा कि संसार रूपी वृक्ष पर चढ़े हुए अहंकारी लोग नरक सागर में जाकर गिरते हैं। उनका उद्धार करने के लिए अमृत पुरुष सतगुरु मोक्ष धाम से उतरते हैं। भारी बारिश के बाद भी फुलसंदा आश्रम में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालों का आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरुवार को गुरु गद्दी दरबार मे सतपुरुष बाबा फुलसन्दे वालो ने कहा कि वो सनातन पुरुष जो निरंकार है। मेरी आत्मा में वो चमकता है, वो ही सूरज में नक्षत्र में वो ही बिजलियां में कड़कता है। हम संसार में किस लिए आये थे। जब कुछ पुण्य कर्म नहीं हुए तो गंगा से ऐसे ही खाली चले जाएंगे। गंगाजल से खड़े तो अपने कर्म से उसका आचमन करो। उन्होंने गुरू के लिए कहा कि तद् ब्रह्माहम, वो ब्रह्म मैं ही हुँ। परमेश्वर...
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