लखनऊ, नवम्बर 7 -- लखनऊ, संवाददाता। ग्रामीण ही नहीं शहर के अंदर भी रात में आवारा पशुओं का सड़क पर कब्जा हो जाता है। चौराहों पर कुत्ते बाइक और कार सवारों को देखते ही दौड़ाते हैं। जरा सा चूके तो हादसा होना लाजमी है। इसके बाद भी नगर निगम कोई प्रभावी योजना बनाकर इस समस्या का निस्तारण नहीं करता है। तेलीबाग विनायकी तालाब के पास 10 जुलाई को एकाएक सामने से आए कुत्ते को बचाने में ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ई-रिक्शा चालक फकीरे सवारियों समेत तालाब में गिर गया था। उसे जेसीबी से निकालना पड़ा था। रिक्शा सवार पांच सवारियां भी घायल हो गई थी। 16 जुलाई को प्रयागराज आ रहे फरीदाबाद के रहने वाले सौरभ की कार मोहनलालगंज के फत्तेखेड़ा में गाय को बचाने अनियंत्रित हो गई। कार एक दुकान और खंभा तोड़ते हुए मकान में घुस गई। हादसे में सौरभ समेत चार लोग घ...
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