भागलपुर, अक्टूबर 17 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता भागलपुर समेत समूचे पूर्वी बिहार, कोसी-सीमांचल की खराब सड़क हो या फिर फोरलेन सड़कें। दोनों ही सड़कों पर लोगों की दुर्घटना में जान जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ब्रेकअप और पारिवारिक तनाव लोगों के मन को शॉक दे रहा है। सड़क दुर्घटना लोगों की जान ले रहा है तो वहीं तनाव लोगों को ओसीडी का शिकार बनाकर उन्हें आत्महत्या की ओर ले जा रहा है। इस तरह के मामले बीते एक दशक में तेजी से बढ़े हैं। चिकित्सकों की माने तो अगर सड़क पर निकल रहे बाइक सवार हेलमेट लगा लें और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को सीपीआर दिया जाये तो सड़क दुर्घटना में होने वाली कुल मौत में से करीब 40 प्रतिशत को रोका जा सकेगा। वहीं आवेग, आक्रोश व टूटे मन को अगर सही समय पर परामर्श मिल जाये तो उन्हें मानसिक रूप से टूटने से बचाया जा सकता है। ह...