नई दिल्ली, फरवरी 4 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पटियाला हाउस स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क हादसों में मुआवजे से वंचित रह जाने वाले पीड़ित परिवारों के मुद्दे पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। एमएसीटी ने कहा है कि ऐसे मामलों के लिए किसी स्पष्ट सरकारी नीति या योजना का अभाव है, जिसके चलते कई पीड़ित परिवार कानूनी दावों के बावजूद राहत से बाहर रह जाते हैं। यह मामला वर्ष 2024 में दक्षिण परिसर इलाके में हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें कार की टक्कर से साइकिल सवार की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने मुआवजे के लिए दावा याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान पीठासीन अधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि हादसे में कार चालक की भी मौत हो चुकी है। चालक के कानूनी वारिस पहले से ही कई मुकदमो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.